एमपी में टेक्नोलॉजी हब को लेकर बड़ी पहल, दावोस में HCL टेक ने दिखाई रुचि

भोपाल 

HCL- दावोस में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 का पहला दिन एमपी के लिए निवेश, सहयोग और वैश्विक साझेदारी के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ। फोरम में एमपी की सशक्त मौजूदगी नजर आई। प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने तकनीक, नवकरणीय ऊर्जा, एआई, आईटी, कृषि-खाद्य, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों से चर्चा की। मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए भरोसेमंद और फ्यूचर रेडी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया। यहां आईटी कंपनी एचसीएल टेक से भी अहम चर्चा हुई। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया एमपी को उभरते टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है।

दावोस में मध्यप्रदेश सरकार और एआई आधारित प्रोटीन नवाचार में अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने शिरू की सीईओ एवं संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान एआई-संचालित प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर फोकस रहा। शिरू की सीईओ ने मध्यप्रदेश की सुदृढ़ कृषि व्यवस्था में विशेष रुचि प्रदर्शित की। बातचीत के दौरा राज्य के विश्वविद्यालयों, कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं, फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान एवं विकास पर ज्वाइंट वेंचर पर करने पर सहमति हुई।

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नवकरणीय ऊर्जा भंडारण पर अमारा राजा समूह से चर्चा हुई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला एवं अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने समूह के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जय गल्ला से बातचीत की।
हाइब्रिड मॉडलों की लागत संरचना एवं तकनीकी पहलुओं पर अध्ययन किए जाने पर सहमति बनी।

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एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा

दावोस में वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा हुई। मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल की एचसीएल टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट अभय चतुर्वेदी के साथ महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने प्रदेश में टियर-2 टेक हब के रूप में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर बात की। एचसीएल टेक द्वारा पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़कर टियर-2 शहरों में संचालन विस्तार के अवसरों का आंकलन किए जाने की बात बताई गई। एचसीएल टेक के अनुसार मध्यप्रदेश को एक उभरते और संभावनाओं से परिपूर्ण टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है।
विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी

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इस अहम बैठक में मध्यप्रदेश शासन की विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी गई।प्रतिस्पर्धी लागत लाभ और रेडी-टू-मूव-इन ऑफिस स्पेस की उपलब्धता को प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
राज्य में आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी को भी प्रमुख ताकत बताया गया। एचसीएल टेक ने मध्यप्रदेश में भविष्य के टेक्नोलॉजी सेंटर्स और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की।

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