जसप्रीत बुमराह को आधुनिक युग का महान गेंदबाज मानते हैं, वसीम अकरम ने खुद से तुलना पर किया बयान

नई दिल्ली
पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने भारत के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह की तारीफ की है। उन्होंने भारतीय गेंदबाज को मॉडर्न डे ग्रेट बताते हुए उनके वर्कलोड को सफलता से मैनेज करने के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट की भी खास तौर पर तारीफ की है। हंसना मना है शो पर अकरम ने कहा कि बुमराह वर्ल्ड-क्लास बोलर हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार रहे पाकिस्तानी लीजेंड ने बुमराह को लेकर कहा, 'उनका ऐक्शन बहुत ही अलग हटकर है। उनके पास गति है और जिस तरह से भारत उन्हें मैनेज कर रहा है, वो अविश्वसनीय है। इसका पूरा श्रेय मैनेजमेंट और उनके माइंडसेट को है।'

ये भी पढ़ें :  कोलकाता में बारिश का कहर: पानी में करंट, 5 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

वसीम अकरम से जब यह पूछा गया कि क्या बुमराह ऑल-टाइम ग्रेट हैं तब उनका जवाब था, 'किसी को अलग-अलग दौर की तुलना नहीं करनी चाहिए। वह दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज हैं, मैं बाएं हाथ का गेंदबाज था। मैंने सोशल मीडिया पर बहस देखी हैं लेकिन उनकी न तो वह परवाह करते हैं और न ही मैं करता हूं। वह आधुनिक दौर के महान हैं। मैंने अपने समय में अपना योगदान दिया, लेकिन वह बहुत ही प्रभावशाली हैं।'

ये भी पढ़ें :  छुईखदान में जन्मे तिगुने खुशियों के फूल: डॉक्टरों ने सफल नॉर्मल डिलीवरी कराई, मां-बच्चे स्वस्थ

आज के दौर के क्रिकेट में आए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गेंदबाजों को विकेट मिलने के अवसर ज्यादा हैं क्योंकि बैटर हर वक्त शॉट खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, '90 के दशक में टी20 नहीं था। वनडे में बल्लेबाज अकसर खराब गेंदों को छोड़ दिया करते थे लेकिन अब तो टेस्ट में अच्छी गेंदों तक पर शॉट लग रहे हैं। इन दिनों गेंदबाजों पर दबाव बहुत है। जसप्रीत के पास विकेट लेने के अवसर ज्यादा हैं क्यों बल्लेबाज की नजर हमेशा शॉट पर रहती है। गेंदबाज के तौर पर हम उस आक्रामकता का आनंद लेते हैं।'

ये भी पढ़ें :  टीम के समर्थन के बिना कुछ भी संभव नहीं : हरमनप्रीत

टेस्ट क्रिकेट को कुछ टीमों के लिए 5 दिन के बजाय 4 दिन तक का करने यानी टू-टियर सिस्टम के प्रस्ताव को लेकर उन्होंने अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश उनके बीच खेलेंगे तो उनमें सुधार कैसे होगा। मैं टू-टियर सिस्टम से सहमत नहीं हूं। टेस्ट क्रिकेट में गुणवत्ता वाली टीमों की जरूरत होती है। एसोसिएट टीमों को अपने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित किए बिना टेस्ट खेलने देने का कोई मतलब नहीं है।'

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment