MP में एक जून से लागू होगा स्मार्ट पीडीएस सिस्टम, 87 फीसदी पूरा हो चुका eKYC का काम

 ग्वालियर

 मध्य प्रदेश में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS System) को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम अब एक जून से लागू हो जाएगा। पहले इसे एक मई से लागू होना था, लेकिन ई-केवाईसी (eKYC ) का काम पूरा न हो पाने के कारण देरी हुई।

प्रदेश में 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हो चुकी है। 31 मई तक बचे हुए उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरा कर लेने का लक्ष्य है। ई-केवाईसी के लिए यही अंतिम तिथि भी है।

केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा

    इस प्रणाली के लागू होने के बाद केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा। स्मार्ट पीडीएस के तहत पारदर्शिता को बढ़ाया जा रहा है, ताकि सभी राज्यों में खाद्यान्न वितरण को लेकर एक जैसी स्थिति रहे।

ये भी पढ़ें :  मोदी के स्वागत को तैयार इजरायल, नेतन्याहू बोले– ‘पर्सनल फ्रेंडशिप’ से रिश्तों में आएगी नई मजबूती

अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा
कुछ राज्य अपने स्तर पर बदलाव कर लेते थे, लेकिन अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा। अभी भी कुछ राज्यों में एपीएल को राशन दिया जाता है, जिसे अब बंद कर दिया जाएगा। वैसे पहले से ही वन नेशन वन राशन कार्ड लागू है, जिसके तहत पात्र हितग्राही देश में कहीं से भी राशन ले सकता है।

ये भी पढ़ें :  मंत्री बोले: अमेरिका से बराबरी का समझौता, दबाव में डील नहीं

मदरसा बोर्ड के मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से होंगे

इस बीच, भोपाल से खबर है कि मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 में मदरसा मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से 30 जून तक के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें वर्ष 2025 तक मान्यता प्राप्त सामान्य मदरसों के अतिरिक्त वर्ष 2022 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए यह अंतिम अवसर है।

इसके बाद ऐसे मदरसों की मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी मदरसा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर एवं एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।

ये भी पढ़ें :  मध्य प्रदेश में 2.5 लाख सरकारी पदों और 22,500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती

मान्यता प्राप्त मदरसों में निर्धारित तिथियों में आवेदन करना सुनिश्चित करें एवं आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेजों के साथ अविलम्ब बोर्ड में भेजना एवं एक प्रति अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें। इसके बाद ही प्रकरण पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment