29 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह कर्क और मिथुन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का कारक माना गया है, इसलिए इनकी प्रतिकूल स्थिति जीवन के इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उथल-पुथल मचा सकती है. इस बदलाव के दौरान जिन तीन राशियों को अपने कदम बहुत संभालकर रखने होंगे. इन 3 राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी मिथुन राशि: बुध आपकी राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए इसका सबसे गहरा और सीधा प्रभाव आप पर…
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12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण: कर्क राशि में लगेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, इन राशियों पर असर
सूर्य ग्रहण एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रोमांचक खगोलीय घटना है. जब अंतरिक्ष में चक्कर लगाते-लगाते चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, तो वह सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है. इस स्थिति में चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है और दिन में ही अंधेरा छा जाता है. इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं. साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार के दिन लगेगा. संयोग की बात यह है कि ये सूर्य ग्रहण सावन के महीने में…
Read Moreकेतु मघा नक्षत्र में प्रवेश, कुछ राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सावधानी
ज्योतिष शास्त्र में केतु को एक रहस्यमयी और छाया ग्रह माना गया है. जो अपनी चाल हमेशा उल्टी चाल जब भी केतु अपना नक्षत्र या पद बदलते हैं, तो इसका सीधा असर सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 मई को केतु देव नक्षत्र पद परिवर्तन करके मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं. केतु का यह सूक्ष्म गोचर कुछ राशियों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और अचानक धन लाभ लेकर आएगा, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान थोड़ा सतर्क…
Read More18 जून 2026 से गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुरू होगा ‘गोल्डन टाइम’
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जून 2026 का महीना ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) जून की शुरुआत में अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद अब 18 जून 2026 को गुरु एक और बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. 18 जून को देवगुरु बृहस्पति शनिदेव के प्रिय नक्षत्र 'पुष्य' (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करेंगे. पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना…
Read Moreमिथुन राशि में बना दुर्लभ त्रिग्रही राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 मई यानी कल मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो चुका है. ग्रहों का यह शुभ संयोग जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. क्या है त्रिग्रही राजयोग? जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. मिथुन राशि में देवताओं के गुरु 'बृहस्पति', सुख-वैभव के कारक 'शुक्र' और…
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