नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास अधिकांश राज्यों में सुचारू रूप से हुआ है, सिवाय पश्चिम बंगाल के। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत ने कहा कि अन्य राज्यों में एसआईआर अभ्यास के दौरान लगभग कोई मुकदमेबाजी नहीं हुई। सीजेआई ने क्या टिप्पणी की? सीजेआई ने कहा, पश्चिम बंगाल को छोड़कर जिन भी राज्यों में एसआईआर किया गया, हर जगह यह प्रक्रिया सुचारू (बिना बाधा के) रूप से चली। अन्य राज्यों में राज्यों में…
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देवास में टाटा इंटरनेशनल पर कोर्ट का फैसला: 80 महिला कर्मचारियों को वापस काम पर रखने का आदेश
देवास देवास स्थित टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा वर्ष 2017 में बिना नोटिस और जानकारी के नौकरी से निकाली गई महिला कर्मचारियों के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिना नोटिस फैक्ट्री बंद करने और कर्मचारियों को निकालने को कानून का उल्लंघन मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित 80 नियमित महिला कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा जाए और उन्हें आधे वेतन के साथ बहाल किया जाए। मामले में इंटेक यूनियन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई है, लेकिन बहाली की प्रक्रिया…
Read Moreपति की संपत्ति और नौकरी के दावे पर एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
जबलपुर भारतीयों में आजकल बिना विधिवत तलाक लिए दूसरी शादी करने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। कई समाजों में बहुविवाह की भी प्रथा है जिसका सहारा लेकर इसे मान्यता देने की कोशिश की जाती है। इस पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। पति की संपत्ति और नौकरी के दावे पर एमपी हाईकोर्ट MP High Court ने बड़ा फैसला देते हुए दूसरी पत्नी की याचिका खारिज कर दी। महिला ने आदिवासी समाज की प्रथाओं का जिक्र किया था जिसपर कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बिना ठोस साक्ष्य के…
Read Moreएमपी की सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया
भोपाल मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज…
Read Moreदिल्ली HC ने निचली अदालतों को फटकार लगाई, कहा- यौन उत्पीड़न मामले में बच्चियों को बार-बार कोर्ट बुलाना मानसिक आघात
नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने पॉक्सो केस में पीड़िताओं को बार-बार कोर्ट में पेशी के लिए बुलाने के लिए निचली अदालतों के रवैये पर चिंता जताई। हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने निर्देश दिया है कि नाबालिग पीड़ितों को ट्रायल या जमानत सुनवाई के दौरान बार-बार अदालत में पेशी के लिए बुलाना ठीक नहीं है। ऐसा करने से बच्चों को मानसिक पीड़ा और दोबारा ट्रॉमा का सामना करना पड़ सकता है। मामला 2022 के एक यौन उत्पीड़न केस से जुड़ा है। जिसमें ट्रायल के दौरान नाबालिग…
Read Moreलेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई: कोर्ट का फैसला, आपसी सहमति से बने संबंध को नहीं माना जा सकता रेप, एफआईआर रद्द
जबलपुर वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाती है, उसे रेप की श्रेणी में नही माना जा सकता है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा। 13 साल तक रिलेशनशिप में रही युवती एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि वह सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के साथ 13 साल तक रिलेशनशिप…
Read MoreMP राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव का ऐलान: 12 मई को वोटिंग, 16 जून से मतगणना
इंदौर राज्य अधिवक्ता परिषद के पांच साल में एक बार होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार पूरे प्रदेश में 12 मई 2026 को एक साथ मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 16 जून 2026 से शुरू होगी। कार्यकारिणी सदस्य के कुल 25 पदों में से इस बार सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से पांच पदों पर चुनाव होगा, जबकि दो पदों पर मनोनयन किया जाएगा। इस चुनाव में प्रदेशभर के लगभग 87 हजार वकील हिस्सा लेंगे। राज्य अधिवक्ता परिषद…
Read More‘हिंदू रीति से शादी करने वाले ST पर लागू होगा हिंदू मैरिज एक्ट’, छत्तीसगढ़ HC का महत्वपूर्ण फैसला
बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के लोगों को हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए जगदलपुर फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या था। क्या था मामला जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच एक…
Read Moreजबलपुर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और खाद्य मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को किया तलब, जानें क्या है मामला
जबलपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सोमवार को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चार और जिला उपभोक्ता आयोगों में 35 रिक्त सदस्यों के पदों को भरने से संबंधित अपील पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, कोर्ट ने इस दौरान मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। दरअसल, एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने अपील दायर की है। राज्य…
Read Moreगोवंश प्रतिबंध प्रकरण में अपीलीय आदेश खारिज, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत
जबलपुर जबलपुर ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनवाई पूरी कर सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए अपीलीय न्यायालय ने एक अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ए.के. सिंह की एकलपीठ ने अपीलीय कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया। छिंदवाड़ा निवासी मोहम्मद नासिर कुरैशी की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट ने कोमल सोलंकी को…
Read Moreअभ्युदय जैन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मां के खिलाफ एफआईआर निरस्त, 360 दिन बाद अलका जैन को मिली राहत
ग्वालियर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना के बहुचर्चित अभ्युदय जैन मृत्यु प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मां अलका जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर और समस्त आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि केवल अनुमानों और संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा चलाना न्याय का उल्लंघन है। गौरतलब है कि 14 फरवरी 2025 को 14 वर्षीय अभ्युदय जैन का शव घर के बाथरूम में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश: मुफ्त योजनाएं रेवड़ी नहीं, रोजगार के अवसर पैदा करें
चेन्नई सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु बिजली बोर्ड को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, तमिलनाडु बिजली बोर्ड उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का वादा कर रहा है। वहीं एक मुकदमे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी की है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्यों में अपनाई गई मुफ्त सुविधाओं की संस्कृति आर्थिक विकास में बाधा डालती है। कोर्ट ने क्या-क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत समेत जजों ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा ज्यादातर राज्य पहले से ही घाटे में हैं, फिर भी…
Read MoreSC ने HC का फैसला पलटा: सलवार का नाड़ा खोलना ‘रेप की कोशिश’ जैसा नहीं, अश्लील हरकत नहीं
इलाहाबाद यौन अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी व्याख्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक बेहद विवादित फैसले को पलटते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी महिला को गलत नीयत से पकड़ना और उसकी सलवार का नाड़ा खोलना महज 'छेड़छाड़' या 'रेप की तैयारी' नहीं, बल्कि सीधे तौर पर 'रेप का प्रयास' (Attempt to Rape) है। अदालत ने कहा कि ऐसे कृत्य को कम गंभीर अपराध मानकर आरोपी को हल्की सजा…
Read Moreकर्मचारी का इस्तीफा नामंजूर करना बंधुआ मजदूरी के समान, HC ने आर्टिकल 23 का उल्लंघन बताया हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इस्तीफा नामंजूर करना कानून के खिलाफ, बंधुआ मजदूरी की तरह माना HC ने कहा—कर्मचारी का इस्तीफा रोकना आर्टिकल 23 का उल्लंघन, बंधुआ मजदूरी जैसा है व्यवहार
तिरुवनंतपुरम केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा इस्तीफा देने की स्थिति में कंपनी को उसे स्वीकार करना ही होगा। हाईकोर्ट ने इस दौरान कहा है कि अगर कोई एंप्लॉयर कर्मचारी का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार करता है तो यह ‘बंधुआ मजदूरी’ के समान माना जाएगा। बार एंड बेंच की की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में अहम टिप्पणी करते हुए जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि जब कोई कर्मचारी सेवा शर्तों के अनुसार इस्तीफा देता है तो…
Read Moreहाईकोर्ट का आदेश: पत्नी को पति के साथ रहने की अनुमति, महिला आरक्षक ‘शौर्य दीदी’ करेंगी निगरानी
ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने घरेलू विवाद से जुड़े बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्नी को पति के साथ रहने की अनुमति दे दी। साथ ही महिला की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महिला आरक्षक को छह माह के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया। यह याचिका आकाश नामक व्यक्ति ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को बंधक बनाकर रखा गया है और शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पति के…
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