MP HC का मास्टर स्ट्रोक: 6 लाख कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा, अब दफ्तरों में सुलझेंगे सर्विस केस

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों (Service Matters) को लेकर राज्य सरकार को एक बेहद अहम और कड़ा सुझाव दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ट्रांसफर, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और वरिष्ठता जैसे छोटे-छोटे मामलों के लिए कर्मचारियों को अदालत आने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने सरकार को 'इन-हाउस डिस्प्यूट रिसोल्यूशन सिस्टम' (विवाद समाधान प्रणाली) विकसित करने के निर्देश दिए हैं। चीफ सेक्रेटरी को आदेश: 50 हजार मामलों का बोझ होगा कम हाई कोर्ट में…

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गोविंद नारायण सिंह के बेटे को बेची गई सतना की 11.57 एकड़ जमीन को संदेहास्पद बताया

सतना  हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे गोविन्द नारायण सिंह द्वारा अपने ही बेटे शिव बहादुर सिंह को बेची गई सतना की 11.57 एकड़ जमीन के स्वामित्व को संदेहास्पद माना है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गोविन्द नारायण सिंह ने अपंजीकृत और अपर्याप्त स्टाम्प पर बनी सेल डीड के आधार पर विवादित जमीन बेची थी। ऐसे दस्तावेजों के आधार पर न तो जमीन का स्वामित्व मिलता है और न ही अस्थाई निषेधाज्ञा। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अपीलीय अदालत के उस आदेश को…

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MP हाई कोर्ट में जजों की कमी, पेंडिंग मामलों के निपटान में लगेंगे 40 साल, 4,80,592 केस लंबित

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में यदि न्यायाधीशों की मौजूदा संख्या 42 से बढ़कर 75 या 85 नहीं होती है, तो साढ़े चार लाख 80 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का बैकलाग खत्म करने में पांच या दस साल नहीं, बल्कि चार दशक से अधिक समय लग सकता है। एरियर कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण इस संबंध में एरियर कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी लंबित मामलों के बढ़ने का…

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भोपाल में फर्जी मूल निवासी सर्टिफिकेट से बना डॉक्टर, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

भोपाल जिला कोर्ट ने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट हासिल करने वाले एक डाक्टर को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। 23वें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने आरोपित सुनील सोनकर को जालसाजी का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।यह मामला वर्ष 2010 की पीएमटी परीक्षा से जुड़ा है। आरोपित सुनील सोनकर ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। मध्यप्रदेश राज्य कोटे की…

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कोर्ट में गुटखा थूकने पर जज ने सिखाया सबक, BJP पार्षद सहित तीन पर तगड़ा फाइन, छतरपुर

छतरपुर  अपने वार्ड, शहर सहित देश-प्रदेश में साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उठाने वाले जनप्रतिनिधि ही जब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने लगे तो आम लोग क्या सबक लेंगे. भरी अदालत में भाजपा के पार्षद सहित 3 लोगों ने गुटखा खाकर थूका तो जज से पार्षद सहित तीनों पर 5-500 रुपये का जुर्माना ठोक दिया. जुर्माने की बात सुनते ही अदालत परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया. स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां PM मोदी देश में स्वछता अभियान चलाते हैं, लेकिन उनके ही जनप्रतिनिधि जब उस अभियान…

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शादी के बाद MP में रहने वाली महिलाओं को मिलेगा आरक्षण का लाभ, हाई कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक बड़े और महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अन्य राज्य से शादी कर मध्य प्रदेश में स्थायी रूप से निवास करने वाली महिलाओं को आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि यदि महिला के पास मध्य प्रदेश का डोमिसाइल (निवास प्रमाण पत्र) है, तो वह आरक्षण की हकदार मानी जाएगी। कोर्ट ने तय की शर्तें जस्टिस जयकुमार पिल्लई की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरक्षण का लाभ उन्हीं महिलाओं को…

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सरकार की NO के बाद 10 मिनट डिलीवरी फीचर हटाएगा ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी से भी हुई मंत्री की बातचीत

 नई दिल्ली 10 मिनट में डिलीवरी वाले क्विक कॉमर्स मॉडल को लेकर अब सरकार सख्त हो गई है. डिलीवरी बॉय की सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए अब सरकार ने हस्तक्षेप किया है. सरकार के हस्तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने अभी सभी ब्रांड से 10 मिनट डिलीवरी का फीचर हटाने का ऐलान कर दिया है. श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मुद्दे पर क्विक कॉमर्स सेक्टर में सक्रिय कंपनियों से बात की थी. इसका असर अब दिखने लगा है. ब्लिंकिट अब अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी की बात…

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ग्वालियर में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को फटकार: इंदौर त्रासदी से लिया जाए सबक

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शहर में अवैध निर्माण के एक मामले की सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम यदि अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं कर रहा।  हाईकोर्ट ने कहा कि भागीरथपुरा हादसे में कई लोगों की जान गई, जिसे इंदौर पीठ ने संज्ञान में लिया है। यह स्थिति अपने आप बताती है कि अवैध निर्माण को समय रहते नहीं रोका गया, तो बड़ी त्रासदी से…

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चुपचाप खड़ी रहो…महिला के इस एक वाक्य से भड़क उठे जज साहब, अदालत में मचा हंगामा

अगरतला त्रिपुरा हाई कोर्ट ने एक अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक महिला को आदेश दिया कि वह पूरे दिन कोर्ट उठने तक अदालत कक्ष में खड़ी रहे। यह मामला वैवाहिक विवाद और तलाक समझौते की शर्तों का पालन न करने से जुड़ा है। महिला पर हाई कोर्ट के जज पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने और आरोप लगाने के आरोप हैं। जस्टिस टी अमरनाथ गौड़ और जस्टिस बिस्वजीत पालित की डिवीजन बेंच एक महिला के खिलाफ तलाक समझौते की शर्तों का पालन न करने और आदेश देने वाले…

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हाई कोर्ट का अहम आदेश: न्यायालयों में अधिकारी अब बैठ सकते हैं, अपमानजनक टिप्पणियों पर भी लगेगी रोक

भोपाल  दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान सरकारी अधिकारियों के साथ सम्मानजनक और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकारी पदाधिकारियों की स्वीय उपसंजाति नियम-2025 के तहत न्यायालय में उपस्थित अधिकारियों को पूरी सुनवाई के दौरान खड़े रहने की बाध्यता नहीं होगी। न्यायालय के समक्ष उत्तर देते समय अथवा बयान दर्ज कराते समय ही उन्हें खड़े रहना पड़ेगा। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यायालयों को कार्रवाई के दौरान किसी अधिकारी के शारीरिक स्वरूप, शैक्षिक पृष्ठभूमि, सामाजिक स्थिति या परिधान…

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कलकत्ता हाई कोर्ट का अहम फैसला: भारत में हुई शादी पर भी विदेश की अदालत में हो सकता है तलाक

कलकत्ता  कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या करते हुए कहा है कि यदि पति या पत्नी में से कोई एक विदेश में निवास कर रहा है, तो भारत में संपन्न हुई शादी के बावजूद विदेशी अदालत में तलाक के मामले की सुनवाई की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में ऐसी किसी प्रक्रिया पर पूर्ण रोक नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने उस मामले में दिया, जिसमें तलाक के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर विवाद उत्पन्न…

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महाराष्ट्र की सियासत में हलचल: कोर्ट में पेश न होने पर कैबिनेट मंत्री नितेश राणे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

सिंधुदुर्ग महाराष्ट्र में कुडाल कोर्ट ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और सिंधुदुर्ग जिले के गार्डियन मिनिस्टर नितेश राणे को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई लंबे समय से कोर्ट में पेश न होने और बार-बार गैरहाजिर रहने के चलते की गई है। संविधान बचाने के लिए हुए प्रोटेस्ट से जुड़े प्रकरण में विधायक प्रवीण दरेकर और विधायक प्रसाद लाड के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। यह मामला 26 जून 2021 का है, जब सिंधुदुर्ग जिले में…

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मनमानी फीस वसूली मामले में निजी स्कूलों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत, फीस वापसी आदेश निरस्त

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को मनमानी फीस वसूली के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य के अधिकारियों ने बहुत ही खराब माहौल में काम किया और अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। दो दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालकों ने मनमानी फीस वसूली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील दायर करने वाले अधिकांश स्कूल मिशनरी संस्थाओं के…

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सजा पूरी होने के बाद 17 दिन तक जेल में रखा, हाईकोर्ट ने सागर जेल अधीक्षक पर लगाया 25 हजार का जुर्माना

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सजा पूरी होने के बावजूद एक युवक को जेल में अवैध रूप से रखे जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।  जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने यह आदेश टीकमगढ़ जिले के युवक अरविंद कुशवाहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह 17 दिनों की अवैध हिरासत के लिए उचित मुआवजा पाने के…

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600 परिवारों पर बेदखली का खतरा, SC में वक्फ बोर्ड की याचिका; हाईकोर्ट के आदेश पर लगी रोक

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने  केरल के एर्नाकुलम जिले की मुनंबम भूमि को वक्फ संपत्ति न मानने संबंधी केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई तक भूमि की यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2026 को होगी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि केरल सरकार द्वारा गठित जस्टिस सी.एन. रामचंद्रन नायर जांच आयोग के कामकाज पर कोई रोक नहीं लगाई गई है और…

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