नई दिल्ली आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने मातृ भाषाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि बहुत सारे ऐसे भी भारतीय हैं जिन्हें अपनी भाषा ही नहीं आती है। नागपुर में एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर उन्होने कहा कि हमारी भाषायी विरासत का क्षय हो रहा है। भागवत ने कहा, एक समय था जब रोजामर्रा के जीवन में सारा संचार संस्कृत में होता था। अब हाल यह है कि अमेरिका के प्रोफेसर हमें संस्कृत पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि भाषायी चेतना को लेकर हमें आत्ममंथन करने की…
Read MoreTag: Mohan Bhagwat’s
हमारे कमरे पर अवैध कब्जा, अब कैसे मिलेगा हक वापस?
सतना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सतना में आयोजित एक कार्यक्रम में इशारों ही इशारों में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए अखंड भारत का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि कई सिंधी भाई यहां बैठे हैं। बेहत खुशी की बात है कि वे अविभाजित भारत में आए। परिस्थितियों ने हमें उस घर (पाकिस्तान) से यहां भेजा है क्योंकि वह घर और यह घर (भारत) अलग नहीं हैं। पूरा भारत एक घर है, लेकिन किसी ने हमारे घर का एक कमरा हटा दिया और उस पर कब्जा कर लिया…
Read Moreमोहन भागवत का सीधा संदेश: भारत बड़ा हुआ तो दुनिया में हमारा स्थान क्या होगा?
नागपुर टैरिफ और रूस से तेल आयात के चलते भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जिसके चलते दुनियाभर में उनकी किरकिरी हो रही है। इस बीच, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका का बिना नाम लिए हुए टैरिफ को लेकर उनपर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि दुनिया में लोगों को डर लगता है कि ये बड़ा हो जाएगा तो मेरा क्या होगा? मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा,…
Read Moreमोहन भागवत का बयान: आरएसएस भाजपा के लिए कोई फैसला नहीं करता, संबंध केंद्र से बने हुए हैं
नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर समझाया है कि अपने घरों में अपनी भाषा, परंपरा, वेशभूषा और संस्कृति बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक और आधुनिकता शिक्षा के विरोधी नहीं हैं। शिक्षा केवल जानकारी नहीं है; यह व्यक्ति को सुसंस्कृत बनाने के बारे में है। नई शिक्षा नीति में पंचकोसीय शिक्षा के प्रावधान शामिल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) सही दिशा में एक कदम है। बेहतर समाज का निर्माण संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे…
Read More
