प्रेमचंद ने समाज को साहित्य से जोड़ा-डॉ.महंत

प्रेमचंद ने समाज को साहित्य से जोड़ा-डॉ.महंत प्रेमचंद जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन  बिलासपुर  महान कथाकार प्रेमचंद ने भारतीय समाज के अंतःकरण को साहित्य से जोड़ दिया । वे सत्य के अन्वेषी थे । उनकी प्रासंगिकता सदैव बनी रहेगी । बिगाड़ के डर से ईमान की बात न करोगे? लिख कर प्रेमचंद ने साहित्य के ज़रिए नैतिक मूल्यों पर दृढ़ता से चलते रहने का संदेश दिया ।            प्रेमचंद जयंती पर आयोजित एक समारोह में प्रो पी.डी.महंत ने मुख्य वक्ता के रूप में उक्त विचार व्यक्त…

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उनके हिस्से का प्रेम में रिश्तों की विडंबना तो गरीबनवाज में दिखा उद्यमी का संघर्ष

रबीन्द्र भवन में संभव आर्ट ग्रुप ने किया संतोष चौबे की कहानियों का मंचन भोपाल  कथाकार संतोष चौबे की दो कहानियों 'उनके हिस्से का प्रेम' और 'ग़रीबनवाज़' का मंचन प्रख्यात नाट्य निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर के निर्देशन बुधवार को रबीन्द्र भवन में किया गया। यह मंचन वनमाली सृजन पीठ, आईसेक्ट पब्लिकेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में 'संभव' आर्ट ग्रुप, दिल्ली द्वारा किया गया। इसमें पहली कहानी 'उनके हिस्से का प्रेम' रही जिसमें एक संस्थान के बॉस के प्रेम संबंधों को लेकर उसके ऑफिस…

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