कान्हा में ‘जंगली भैंस’ की वापसी से हो रहा प्रदेश का वन्य वैभव समृद्ध

भोपाल मध्यप्रदेश के वन्य जीव संरक्षण इतिहास में कान्हा टाइगर रिजर्व में ‘जंगली भैंस’ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के द्वितीय चरण के सफल संचालन से नया अध्याय जुड़ गया।  लगभग एक शताब्दी पूर्व प्रदेश के वनों से विलुप्त हो चुकी ‘जंगली भैंस’ प्रजाति की वापसी अब साकार हो रही है। कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला के सुपखार परिक्षेत्र में शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मती समिता राजोरा एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  एल. कृष्णमूर्ति ने 4 और जंगली भैंसों को विशेष रूप से निर्मित बाड़े में सफलतापूर्वक मुक्त किया।…

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हथियारबंद नक्सलियों के विस्तार के कॉरिडोर अब बनेंगे जंगली भैंसों का घर

बालाघाट मध्य भारत के पूर्वी हिस्से में फैली घनी जंगल की एक विशाल पट्टी, जिसे पहले नक्सली समूह अपनी विस्तार योजना के लिए मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे, अब जंगली भैंसों (Wild Buffalo) का घर बनने जा रही है, जो मध्य प्रदेश में करीब 100 साल पहले विलुप्त हो चुकी थीं। यह जंगल कान्हा टाइगर रिज़र्व के सुपखर रेंज में स्थित है, जो बालाघाट और मंडला जिलों में फैला है। योजना के तहत असम से जंगली भैंसों का पहला दल फरवरी-मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पहुंच जाएगा।  दोनों…

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कान्हा नेशनल पार्क में आएंगे असम के वाइल्ड बफेलो, टाइगर रिजर्व में बढ़ेगा वाइल्डलाइफ रोमांच

मंडला   टाइगर्स के लिए विश्वप्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में नए मेहमान आने वाले हैं. लेकिन इन मेहमानों को हल्के में न लें, ये हैं भारी भरकम आसामी जंगली भैैंसे. जल्द ही असम से मध्य प्रदेश के इस टाइगर रिजर्व में जंगली भैसों की एंट्री होने वाली है, जिसके बाद जंगल का रोमांच और बढ़ने जा रहा है. दुनिया भर के पर्यटक यहां प्रकृति की सुंदरता और बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों के दीदार के लिए पहुचते हैं, वहीं अब भैसों की तादाद भी यहां बढ़ाई जा रही है. कान्हा में…

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