नई दिल्ली 15 से 25 साल हो गए और देखिए, इसके बाद भी देश भर के न्यायालयों-बार काउंसिल्स में महिला वकीलों के लिए आज बैठने तक के लिए जगह नहीं है. बरसों से हम हर तरह से सह रहे हैं. 90 के दशक तक तो कभी ये हालात थे कि ज्यूडिशरी में महिलाओं का आना ही बहुत अच्छा नहीं माना जाता था. आज जब महिलाओं की संख्या यहां बढ़ी है तो उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं. कई पीपल के पेड़ के नीचे बैठ रही हैं तो कई बस एक सही…
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