रबीन्‍द्रनाथ टैगोर विश्‍वविद्यालय में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेंटर का हुआ उद्घाटन

भोपाल
रबीन्‍द्रनाथ टैगोर विश्‍वविद्यालय में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेंटर का शुभारंभ MPGIS (म.प्र. ग्लोबल इन्वेस्टर समि‍ट) के पूर्व संध्‍या पर किया गया। सेंटर का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ डॉ. अजय चौबे, डायरेक्‍टर, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेंटर, सेवानिवृत मेजर जनरल श्री श्याम श्रीवास्‍तव, डॉ. अरूण जोशी, कुलपति‍, सी.वी.रमन विश्‍वविद्यालय खण्‍डवा, श्री रवि चतुर्वेदी, कुलसचिव, डॉ. सी.वी.रमन विश्‍वविद्यालय खण्‍डवा, डॉ. संगीता जोहरी, कुलसचिव आर.एन.टी.यू., डॉ. रचना चतुर्वेदी सहित अन्‍य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

*टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेंटरः एक महत्वपूर्ण पहल: संतोष चौबे
इस अवसर पर श्री संतोष चौबे ने कहा कि आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में चयनित उद्यमियों को इस सेंटर की क्षमताओं से अवगत कराया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से उद्योगों और स्टार्टअप्स को नवाचारों और पेटेंटेड तकनीकों तक पहुंच प्रदान की जाएगी, जिससे वे उन्नत तकनीकों का लाभ उठाकर अपने व्यवसायों को और अधिक सशक्त बना सकें। निश्चित ही यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

ये भी पढ़ें :  एमपी पॉवर कंपनी ने कार्मिकों के गृह भाड़ा भत्ते को किया पुनरीक्ष‍ित

तकनीकी नवाचारों और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा: डॉ. अजय चौबे
डॉ. अजय चौबे ने बताया कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेंटर नवाचारों, अनुसंधान और उद्योगों के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करेगा, जिससे छात्रों और स्टार्टअप्स को पेटेंटेड तकनीकों तक सीधा लाभ मिलेगा। यह सेंटर विश्वविद्यालय के तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को सशक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दिनेश कुमार सोनी ने जानकारी दी कि इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य आईसेक्ट समूह के शोध कार्यों को इच्छुक उद्यमी छात्रों तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि आईसेक्ट विश्वविद्यालयों द्वारा विकसित पेटेंट प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके छात्र स्वयं को एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक राशि का करेंगे अंतरण

छात्रों को मिलेगा 1200 से अधिक तकनीकों का ज्ञान
इस सेंटर में छात्रों को देश में विकसित लगभग 1200 प्रौद्योगिकियों का परिचय दिया जाएगा, जो कि पुस्तकों के रूप में प्रकाशित की जा चुकी हैं। इससे छात्र इन तकनीकों का अध्ययन कर अपने स्वयं के स्टार्टअप या उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित होंगे।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment