मूसलधार बारिश से बढ़ा जलस्तर: रनगुवां और कुटनी डैम के गेट खुले, कई जिलों में स्कूल बंद

छतरपुर / टीकमगढ़

मानसून ट्रफ और डिप्रेशन की वजह से मध्यप्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर बाढ़ के हालात हैं। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल के 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में बाढ़ के हालात। 

इससे पहले गुरुवार को सतना, डिंडौरी, मऊगंज समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। इस वजह से कॉलेज की परीक्षा कैंसिल करनी पड़ी। वहीं, भोपाल में सड़क, शहडोल में सीवर लाइन की खुदाई में मिट्‌टी धंस गई। इस वजह से दो मजदूर दब गए। उनकी मौत हो गई।

ये भी पढ़ें :  कटनी जिले के बड़े उद्योगपति अजय घई ने खुद के रेस्ट हाउस में ही कर ली आत्महत्या

    छतरपुर के रनगुवां डैम के सभी 12 और कुटनी बांध के 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    छतरपुर में तेज बारिश की वजह से अलग-अलग गांवों में दो मकान ढह गए। 

पहली घटना में बेटी की मौत हो गई, मां घायल है। दूसरी घटना में युवक की जान चली गई।

ये भी पढ़ें :  हर ईंट में लोक कल्याण की सोच : सड़कें बनीं सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला

    धामची गांव में उर्मिल नदी का पानी घुसने से 200 परिवार फंस गए थे। 

एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि टीमें भेजकर 15 लोगों को रेस्क्यू कराया है।

    बानसूजारा बांध का जलस्तर बढ़ गया। गुरुवार रात करीब 11 बजे डैम के 3 गेट खोल दिए गए। 180 क्यूमैक पानी छोड़ा गया।

ये भी पढ़ें :  मानसून 2026 की जल्द दस्तक! कल केरल पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून, मौसम अनुकूल

    टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर है। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बह रहा है। झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया है।

    टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment