योगी सरकार ने रखा ध्यान तो उन्नत हुई खेती और खुशहाल हुआ किसान

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां प्रदेश में कृषि के लिहाज से नए प्रतिमान स्थापित करने का मार्ग सुनिश्चित कर रही है। योगी सरकार ने किसानों की समृद्धि का ध्यान रखा तो प्रदेश की खेती उन्नत और किसान खुशहाल हुआ। वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के किसानों ने सफलता के नए आयाम गढ़े। डबल इंजन सरकार के एमएसपी का लाभ उठाते हुए किसानों ने धान, गेहूं, श्रीअन्न आदि अपनी फसलों की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से अधिक की। वहीं, उत्तर प्रदेश ने खाद्यान्न उत्पादन में भी बड़ी सफलता हासिल की है। योगी सरकार के प्रयास व किसानों की मेहनत की बदौलत उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी राज्य की अपनी स्थिति को और पुख्ता करता जा रहा है। 

ये भी पढ़ें :  मपी बजट 2026-27,लाड़ली बहनों को ₹23,883 करोड़ की सौगात, किसानों और बुनियादी ढांचे पर मेहरबान हुई मोहन सरकार

धान खरीद सत्र 2025-26 में 9.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई धान खरीद
धान खरीद सत्र 2025-26 के लिए 5,73,633 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। 4227 क्रय केंद्रों के माध्यम से धान खरीद चल रही है। वहीं 1,51,077 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद भी हो चुकी है। वहीं अब तक 4227 क्रय केंद्र भी स्थापित किए जा चुके हैं। 

एमएसपी में सुधार और समय पर किसानों को भुगतान
डबल इंजन सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में सुधार व समय पर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। सरकार ने फसल की उपज व उत्पादकता को बढ़ावा दिया। सरकार के सार्थक व प्रभावी प्रयासों के फलस्वरूप कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिणाम भी आए। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही राष्ट्रीय उत्पादन में कृषि की हिस्सेदारी बढ़ी है। गेहूं-चावल उत्पादन समेत अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 

ये भी पढ़ें :  जल संरक्षण पर मध्यप्रदेश की पहल को मिली अंतर्राष्ट्रीय सराहना

उत्पादकता में रहा निरंतर सुधार
उत्तर प्रदेश में 2001-02 से 2016-17 तक की अवधि में अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में औसतन 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2016-17 से 2024-25 तक की अवधि में औसतन 42.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि रही। यह कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार के साथ तकनीकी उन्नति, बेहतर प्रबंधन व सरकारी प्रयासों का परिणाम है। 2025-26 खरीफ व रबी सीजन में भी पिछली सरकारों से अधिक प्रमाणिक बीजों का वितरण कराया गया। उप्र मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा दिया गया। श्रीअन्न के मिनीकिट का वितरण कराया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों का वितरण कराया जा रहा है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment