अंडर-17 कुश्ती में छाया मध्यप्रदेश,युवा पहलवानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

अंडर-17 कुश्ती में छाया मध्यप्रदेश,युवा पहलवानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

सब-जूनियर राज्य कुश्ती चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, कई स्वर्ण पदक किए अपने नाम

भोपाल 

12–13 अप्रैल को सागर (मध्यप्रदेश) में आयोजित अंडर-17 सब-जूनियर राज्य कुश्ती चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के युवा पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन वर्ग में बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दमदार तकनीक, फिटनेस और अनुशासन का परिचय देते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक हासिल किए।

स्वर्णिम जीत के सितारे

मुकाबलों में गगन ग्वाला (-51 किग्रा), वेदाग्य जोशी (-80 किग्रा), भूमि खत्री (-43 किग्रा), निशा माली (-61 किग्रा) और अनुष्का बोरासी (-65 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता के साथ हर चुनौती को पार किया।

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रजत में भी दमदार प्रदर्शन

यशाश्वी भाटी (-53 किग्रा) ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार मुकाबले लड़े और रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

कांस्य पदकों की मजबूत मौजूदगी

घेना मोदी (-46 किग्रा), प्राची कमारिया (-53 किग्रा), अंशु पटेल (-61 किग्रा), आलोक प्रजापति (-55 किग्रा) और रोहित तोमर (-48 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत किया।

जज्बा, जुनून और जीत का संगम

पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने जिस ऊर्जा, रणनीति और खेल भावना का प्रदर्शन किया, वह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश में कुश्ती का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। हर मुकाबला संघर्ष, साहस और जीत की कहानी कहता नजर आया।

ये भी पढ़ें :  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई

मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और राज्य में विकसित हो रही खेल संरचना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

प्रदेश में कुश्ती को मिल रही नई पहचान

लगातार मिल रही इन सफलताओं से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में कुश्ती खेल तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाएं, अकादमियों का सहयोग और प्रतियोगिताओं में बढ़ती भागीदारी खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित हो रही हैं।

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प्रशिक्षण और मेहनत बनी सफलता की कुंजी

राज्य की खेल अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, फिटनेस और अनुभवी कोचिंग का लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। 

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