LPG New Rules: अब नियम तोड़े तो बंद होगी गैस सप्लाई, ई-KYC और 25 दिन का लॉक-इन अनिवार्य

भोपाल
 देश में रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इस्तेमाल को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नए और कड़े नियम प्रभावी कर दिए गए हैं. सरकार की 'एक परिवार, एक गैस कनेक्शन' नीति के तहत जारी की गई इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी को रोकना और सब्सिडी के वितरण को पारदर्शी बनाना है. यदि उपभोक्ता तय समय सीमा के भीतर इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी गैस आपूर्ति रोकी जा सकती है। 

नए नियमों के तहत प्रमुख बदलाव और आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नलिखित हैं
1. पीएनजी और एलपीजी का दोहरा कनेक्शन प्रतिबंधित

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन चालू है, वे अब घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग नहीं कर सकेंगे. सरकार ने साफ किया है कि पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में सिलेंडर की आवश्यकता नहीं है. ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर करना होगा. ऐसा न करने पर तेल कंपनियों (Indane, Bharat Gas, HP Gas) द्वारा एलपीजी कनेक्शन को ब्लॉक कर दिया जाएगा और रिफिल बुकिंग रोक दी जाएगी. उपभोक्ता अपने वितरक के पास सिलेंडर और रेगुलेटर जमा कर सुरक्षा राशि वापस पा सकते हैं। 

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2. सिलेंडर बुकिंग के लिए 'लॉक-इन पीरियड' तय
सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और एडवांस बुकिंग पर अंकुश लगाने के लिए दो बुकिंग के बीच न्यूनतम समयावधि निर्धारित की गई है:

शहरी क्षेत्र: उपभोक्ता अपने पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे.

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ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच 45 दिनों का अनिवार्य अंतर रखना होगा। 

3. ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
सभी सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बिना उपभोक्ताओं की रिफिल बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक कर योग्य आय ₹10 लाख या उससे अधिक है, उन्हें एलपीजी सब्सिडी के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। 

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4. सुरक्षित डिलीवरी के लिए DAC व्यवस्था
गैस चोरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है. सिलेंडर की डिलीवरी तभी होगी जब उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) को डिलीवरी एजेंट के साथ साझा करेंगे. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर ई-केवाईसी की स्थिति जांच लें और नियमों का समय पर पालन करें। 

 

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