कराची में रेंजर्स कैंप पर बड़ा आतंकी हमला, 4 सुरक्षाकर्मी और 6 आतंकी मारे गए

नई दिल्ली
पाकिस्तान के शहर कराची में शनिवार देर रात सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला हुआ है। इस हमले में चार पाकिस्तानी रेंजर्स की मौत हुई है, जबकि 6 आतंकी भी मारे गए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को जिंदा पकड़ लिया है। शनिवार देर शाम हुए इस हमले में सबसे पहले एक धमाका हुआ इसके बाद गोलियां चलने की आवाज आने लगी। तुरंत ही पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया इसके बाद मुठभेड शुरू हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान से जुड़े एक संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार देर रात कराची के मौसमियात चौरंगी इलाके में सिंध रेंजर्स के कैंप पर हमला हुआ था। इसी इलाके में कई कॉलेज और पाकिस्तानी मौसम विभाग का केंद्र भी है। हमले के तुरंत बाद रेंजर्स ने पूरे घटनास्थल को घेर लिया। फिर गोलीबारी शुरु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हमला करीब 8.30 बजे शुरु हुआ था। आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों के ठिकानों को निशाना बनाया और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। करीब 90 मिनट तक चली इस गोलीबारी में 6 आतंकवागी मारे गए, जबकि एक हमलावर को जिंदा पकड़ लिया गया है

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ग्रेनेड से हुआ था हमला
इससे पहले रेस्क्यू 1122 सिंध ने बताया कि उसे सबसे पहले गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 के पास हमले की जानकारी मिली थी। इसके बाद तुरंत ही सेंट्र्ल कमांड को सूचित किया गया और पाकिस्तानी सेना का आतंकरोधी दस्ता वहां पहुंच गया।

पाकिस्तानी पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच के मुताबिक, हमलावर कार से आए थे। उन्होंने सीधे जाकर रेंजर्स के कैंप से अपनी कार को टकरा दिया और सीधा अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने अंदर ग्रेनेड से हमला किया। इसके बाद उनके और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो कि करीब 90 मिनट तक चली।

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TTP के सहयोगी ने ली हमले की जिम्मेदारी
पाकिस्तानी सेना की नाक में दम करने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सहयोगी आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बता दें, टीटीपी मुख्य रूप से पाकिस्तान में अफगानिस्तान की तरह ही तालिबान शासन स्थापित करना चाहता है। इसके लिए वह खैबर पख्तूनख्वा से अपना अभियान चलाता है। आमतौर पर वह पाकिस्तानी सेना और उसके सैनिकों को निशाना बनाता है।

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पिछले कई वर्षों से यह संगठन पाकिस्तान सैन्य जनरलों, सैनिकों और पुलिस को निशाना बनाता आ रहा है। पाकिस्तानी सेना का आरोप है कि हमला करके यह लड़ाके अफगानिस्तान भाग जाते हैं। इन्हीं तालिबान लड़ाकों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान आए दिन अफगानिस्तान में हमला करता रहता है।

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