बडगाम में मुठभेड़, लश्कर का टॉप आतंकी मूसा ढेर; सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी

बडगाम 

 मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले इलाके में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी का एनकाउंटर किया गया। मारा गया आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक सबसे वांछित आतंकवादी थी। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर स्थित चिनार कोर ने मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया, लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ ‘मूसा’ के रूप में की।

सेना ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उसने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग के सामान्य क्षेत्र में अभियान शुरू किया था।सेना ने कहा, 'सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया।'

यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ में भाग निकला था मूसा
अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इस दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में हुई मुठभेड़ में ‘मूसा’ मारा गया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित मूसा इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था।

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यासिर का साथी था मूसा
सूत्रों ने यह भी बताया है कि मूसा, लश्कर के आतंकवादी यासिर का साथी था. यासिर को इसी महीने की शुरुआत में (4 सितंबर को) ऊंचे पहाड़ों पर 13 दिन तक चले ऑपरेशन के बाद यूसमर्ग के पास के इलाके में मार गिराया गया था। 

पुलिस और सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, यासिर एक 'हाई-वैल्यू टारगेट' था और उस पर इलाके में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था, जिनमें पुंछ में IAF काफिले पर हमला और सोनमर्ग, बोटा पाथरी और भट्टा डुरियन में हुए हमले शामिल हैं। 

यासिर के मारे जाने के बाद से अलर्ट
यासिर के एनकाउंटर के बाद, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर थे और उसके साथ यात्रा कर रहे अन्य साथियों का पता लगाने के लिए घने पीर पंजाल जंगलों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए थे। 

J&K पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ तब हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। 

अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही बल उस संदिग्ध जगह पर पहुंचे, छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया और ऑपरेशन अभी भी जारी है। 

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भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक्स पर लिखा, "खुफिया जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। 

उन्होंने लिखा, ''सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे ज़बरदस्त गोलीबारी हुई और इस दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया गया। 

करीबी सहयोगी का पहले हो चुका एनकाउंटर
अधिकारियों के अनुसार, उसका करीबी सहयोगी यासिर पांच सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

CRPF और BSF ने चलाया था अभियान
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की खबरों के बाद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और कठुआ ज़िलों में लगभग एक दर्जन जगहों पर सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया है। इन तीनों जिलों के दूर-दराज़ और जंगली इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, CRPF और BSF मिलकर तलाशी अभियान चला रहे हैं।

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राजौरी में कालाकोट के पीर खाना, पोथा नरोटा और अंध गांवों में, और सुंदरबनी के ठंडा पानी और कंसार में तलाशी की गई। कठुआ में सुरक्षा बल पंजवारी, कठेरा और आस-पास के इलाकों में तलाशी ली पुंछ में, यह अभियान मेंढर सेक्टर के अपर कसबलारी, थेराटोपा, नागल गली, कालाबन और पटनातीर इलाकों में चलाया गया।

ऑपरेशन जारी रहने के दौरान अधिकारियों ने कहा कि गोलीबारी के दौरान दूधपथरी के दूर के जंगल वाले इलाके में ‘मूसा’ मारा गया. अधिकारियों ने बताया कि मूसा पिछले कई सालों में पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ हुए कई हमलों में शामिल होने के लिए वॉन्टेड था। 

इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग पहाड़ियों में हुए एक एनकाउंटर से वह बच निकला था. उसका करीबी यासिर 5 सितंबर को उस एनकाउंटर में मारा गया था. अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। 

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