पाली में पुलिस और खेल विभाग का संयुक्त नशा मुक्ति अभियान,300 विद्यार्थियों ने ली नशा न करने की शपथ

पाली/उमरिया 
नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से कराया गया अवगत, पढ़ाई और खेलों से जुड़ने का दिया संदेश पाली। पुलिस विभाग एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार 28 जुलाई 2026 को विकासखंड पाली स्थित विद्या भारती सरस्वती शिशु मंदिर में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं प्रभारी खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी आलोक शर्मा के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) शिवचरण बोहित के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक जीवन और आर्थिक स्थिति को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। वर्तमान समय में युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

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विद्यालय के प्राचार्य जानकी प्रसाद गौतम ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता का मार्ग अनुशासन, शिक्षा और अच्छे संस्कारों से होकर गुजरता है। उन्होंने छात्रों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अपने भविष्य को संवारने की प्रेरणा दी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की युवा समन्वयक रेशमा शर्मा ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं तथा उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को गलत संगति से बचने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह भी दी।

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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे को फैशन या आधुनिकता का प्रतीक समझना गलत है। यह व्यक्ति की पहचान, सम्मान और परिवार की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा समाज में उसकी छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।

अभियान के अंत में लगभग 300 विद्यार्थियों को नशा न करने एवं दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशा मुक्त बनाने में सहयोग करेंगे।

ये भी पढ़ें :  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

इस अवसर पर पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक एस.के. सिंह, अमर बहादुर सिंह, अजय सिंह परिहार, सुदीप पटेल, विद्यालय के प्राचार्य जानकी प्रसाद गौतम, क्रीड़ा प्रभारी नरेंद्र सिंह चंदेल सहित विद्यालय का समस्त शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज की स्थापना के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

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