गरीबी रेखा नंबर नहीं जुड़ने से दूसरी महिला को दे दी नियुक्ति

गरीबी रेखा में नाम होने के साथ-साथ पात्र होने के बाद भी आंगनबाड़ी सहायिका के लिए देवकली को नहीं मिल सकी नियुक्ति

मण्डला/जबलपुर

सिर्फ और सिर्फ गरीबी रेखा का नंबर नहीं जुड़ पाने के कारण देवकली को आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति नहीं दी जा सकी। जिसके कारण अब वह यहां वहां भटकते गुहार लगाकर सहायिका पद पर नियुक्ति मांगने की जद्दोजहद करने में लगी हुई है। यहां पर अन्य आवेदिका की नियुक्ति कर दी गई है । उमरडीह की रहने वाली देवकली सैयाम ने जनसुनवाई और महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में 18 नवंबर को आवेदन देकर गरीबी रेखा का नंबर जोड़े जाकर आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने की मांग की है।

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उसका नाम गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार में है। आवेदन में देवकली ने बताया है,कि उसने मोहगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़झर के पोषक ग्राम उमरडीह कोटवार टोला आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के खाली पद के विरुद्ध आवेदन भरा था। चयन सूची जारी होने पर सूची में देखा तो गरीबी रेखा का नंबर नहीं जोड़ा गया है।जिसके कारण उसका नाम दूसरे नंबर पर है। तत्काल मोहगांव परियोजना कार्यालय पहुंचकर जिम्मेदार कर्मचारी से समस्या बताई। जहां पर कहा गया,कि उसका गरीबी रेखा का नंबर आवेदन में लिखे नहीं होने के कारण चयन सूची में पहले नंबर पर नाम नहीं आया है। तब जाकर देवकली ने कलेक्टर और जिला कार्यक्रम अधिकारी के नाम पर आवेदन देकर गरीबी रेखा नंबर जोड़े जाकर सहायिका पद पर अवसर दिलाने का आग्रह किया है।

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देवकली सैयाम का कहना है,कि उसने ऑनलाइन आवेदन भरते समय आवश्यक कागजातों के साथ में गरीबी रेखा का कार्ड भी रखी थी।सारे जरूरी कागजातों का विवरण आनलाइन आवेदन में भरवाया गया था। बावजूद गरीबी रेखा नंबर जुड़ा कैसे नहीं,उसको यही समस्या परेशान कर रही है।

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