हनुमान चालीसा पढ़ते समय न करें ये 10 बड़ी गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल

शनिवार और मंगलवार को लोग बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। कहते हैं कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं। ऐसे में जो भक्त सच्ची श्रद्धा बजरंगबली को याद करता है उनकी पूजा करता है उनपर हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है, पलभर में संकट दूर हो जाते हैं। लेकिन हनुमान चालीसा का पाठ यदि नियम से किया जाए, तो ही इसका फल प्राप्त होता है। वरना गलत तरीके से किए गए पाठ से बजरंगबली नाराज हो जाते हैं। जैसे कि गलत स्थान व गलत समय पर पाठ करना आदि। चलिए जानते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए।

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हनुमान चालीसा के दौरान ना करें ये गलतियां

  • हनुमान चालीसा का पाठ करते समय किसी भी तरह की नकारात्मकता अपने दिल में नहीं लानी चाहिए।
  • जो लोग निर्बलों को बिना बात के सताते हैं, उन पर कभी भी हनुमान जी की कृपा नहीं बरसती है।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करते समय साधक को किसी भी व्यक्ति से बातचीत नहीं करनी चाहिए।
  • कुछ समय ऐसे भी हैं जब हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। सूर्यास्त के तुरंत बाद पाठ करने से बचना चाहिए।
  • गुस्से, चिड़चिड़े मन या मानसिक अशांति की अवस्था में भी पाठ नहीं करना चाहिए।
  • बिना स्नान, अशुद्ध अवस्था, जल्दबाजी या दोपहर के समय किया गया पाठ भी फलदायी नहीं माना जाता।
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हनुमान चालीसा पाठ के 10 जरूरी नियम

  1. हनुमान चालीसा पाठ में साफ-सफाई और पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में जहां आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं या पूजा स्थल की साफ-सफाई अच्‍छे से कर लें।
  2. हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें। इसके लिए सुबह और शाम का समय परफेक्ट रहता है।
  3. हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान उपयोग किए गए फूल लाल रंग के रखें।
  4. हनुमान चालीसा के पाठ के पहले बजरंगबली के सामने दीपक जरूर जलानी करना चाहिए।
  5. ध्यान रखें कि दीपक में जो बाती लगा रहे हैं, वह भी लाल सूत (धागे) की होनी चाहिए। आप दीपक में चमेली का तेल या शुद्ध घी का इस्तेमाल होनी चाहिए।
  6. हनुमानजी चालीसा के पाठ के बाद उन्हें गुड़ और चने का प्रसाद जरूर ‍अर्पित करें।
  7. आप केसरिया बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, चूरमा, मालपुआ या मलाई मिश्री का भोग भी लगा सकते हैं।
  8. हनुमान चालीसा पाठ के दौरान सिर्फ एक वस्त्र पहनकर ही चालीसा का पाठ करें या उनकी पूजा करें।
  9. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शनिवार या रविवार के दिन 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
  10. अगर आप 100 बार नहीं कर सकते हैं, तो आप 11, 9, 5, 3 या 1 बार शनिवार, मंगलवार या फिर रोज कर सकते हैं।
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