यूपी में पारिवारिक योजना के नियम बदले, अब इन 5 दस्तावेजों से साबित होगी उम्र

 लखनऊ
 राष्ट्रीय पारिवारिक योजना (UP Family Benefit Scheme) का लाभ लेने के लिए शासन ने अब शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए बड़ी सहूलियत दिए जाने का निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्र के आवेदकों को अब मृतक की उम्र साबित करने के लिए परिवार / कुटुंब रजिस्टर (Family Benefit Scheme) और हाईस्कूल प्रमाणपत्र न होने पर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

(Family Benefit Scheme eligibility) शासन ने पांच अन्य दस्तावेजों को भी आयु प्रमाण के रूप में मान्य कर दिया है। इनमें राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैन कार्ड शामिल हैं। समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है।

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उन्होंने कहा है 25 अक्टूबर 2024 को जारी शासनादेश में योजना के लिए मृतक की आयु के प्रमाण के तौर पर परिवार/कुटुंब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति व जन्मतिथि अंकित शैक्षिक प्रमाणपत्र को मान्य किया गया था। मगर नगरीय क्षेत्रों में सामान्य तौर पर परिवार / कुटुंब रजिस्टर उपलब्ध न होने के कारण आवेदकों को आवेदन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। ऐसे में शासन ने लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्था में बदलाव किया है।

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वार्ड व नगरीय क्षेत्र के ऐसे आवेदक, जिनके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र नहीं है और परिवार रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है। वे निर्धारित पांच दस्तावेजों में से किसी के जरिए मृतक की आयु का सत्यापन करा सकेंगे।

आवेदक को निर्धारित प्रारूप पर स्व घोषणा भी देनी होगी कि उसके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है और संबंधित नगरीय क्षेत्र में परिवार/ कुटुंब रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार का कहना है कि यह सुविधा केवल नगरीय क्षेत्र के आवेदकों के लिए लागू होगी।

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