सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कराएँ जल भराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी : मंत्री तोमर

ग्वालियर

बरसात के दौरान जिन-जिन स्थानों पर जल भराव की स्थिति बन रही है, यदि उन स्थानों पर पक्के नाले नहीं बनाए जा सकते तो अस्थाई नाली-नाले बनाकर जल निकासी कराएं। साथ ही जरूरत के मुताबिक पंप लगाकर भी पानी के निकास की व्यवस्था कराई जाए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को उप नगर ग्वालियर के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि जल भराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी कराने का काम सर्वोच्च प्राथमिकता से कराएं। तोमर ने खुले चैंबरों में ढक्कन लगवाने और सीवर लाइनों की सफाई कराने पर भी विशेष जोर दिया।

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ऊर्जा मंत्री तोमर ने उप नगर ग्वालियर की विभिन्न बसाहटों में जहाँ-जहाँ वर्षा जल भराव की स्थिति निर्मित हो रही है, उन स्थानों की जानकारी दी। उन्होंने नगर निगम द्वारा उन क्षेत्रों में जल निकासी के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर जल भराव की स्थिति बनती है, वहाँ पर स्ट्रीट लाइट की विशेष व्यवस्था की जाए, जिससे रात्रि के समय दुर्घटना की स्थिति न बने।

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मंत्री तोमर ने बैठक में कहा कि एलीवेटेड रोड के प्रथम चरण का शेष काम तेजी से पूर्ण कराएं। संबंधित एसडीएम, नगर निगम के अधिकारी व सेतु निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री आपसी समन्वय बनाकर काम को गति प्रदान करें। उन्होंने बहोड़ापुर से कटी घाटी मार्ग निर्माण, बहोड़ापुर से अटल गेट द्वार मार्ग निर्माण सहित उप नगर ग्वालियर के अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की और कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम के तहत उप नगर ग्वालियर के कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए।

 

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