NHM कर्मचारियों का आंदोलन थमा नहीं, 11वें दिन भी जारी प्रदर्शन

सूरजपुर

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मोदी की गारंटी को आधार बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है. सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों का हड़ताल आज 11 वें दिन भी जारी है. सूरजपुर बस स्टैंड के पास NHM कर्मचारियों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सिर मुंडवा कर विरोध प्रदर्शन किया है.

बता दें, लगातार 11 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग ढंग से हड़ताल कर रहे हैं. बीते दिन बुधवार को मनेंद्रगढ़ में NHM कर्मचारियों ने PPE किट पहनकर बाजार में भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया. ये वही किट है, जो कोरोना काल में पहनी जाती थी. वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगातार हड़ताल पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं में काफी असर पड़ रहा है.

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‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ 29 अगस्त से
सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे.

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संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ का नारा देकर घोषणा पत्र जारी किया था. उसमें एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने अब तक 160 से ज्यादा ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की. मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा.

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डॉ. मिरी ने कहा कि शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेशभर से कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे. रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ चलाया जाएगा. इसके लिए विशेष रुप से तैयार किये गए 2 लाख पंपलेट बांटे जाएंगे, जिनके जरिए लोग सरकार से पूछेंगे कि वादा की गई गारंटी आखिर कहां गायब हो गई. आंदोलनकारी कर्मचारी आम जनता, दुकानदारों और परिचितों से मिलकर अपनी पीड़ा भी साझा करेंगे.

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