कूलर चलाने का सही समय: सुबह 5–6 बजे शुरू करें, पूरे दिन घर रहेगा ठंडा और बिजली की होगी बचत

 क्या आप जानते हैं कि कूलर आपका कमरा ही नहीं पूरे घर का ठंडा रख सकता है, अगर उसे सही समय पर चलाया जाए। दरअसल कूलर के काम करने की टेक्नोलॉजी AC से काफी अलग है। एयर कंडीशनर कमरे में मौजूद गर्म हवा को बाहर निकालता है और ठंडा और शुष्क बनाकर कमरे में वापस छोड़ता है। यही वजह है कि AC को किसी भी समय चलाया जाए, वह कमरा ठंडा कर सकता है। वहीं कूलर अलग तरह से काम करता है। वह बाहर की हवा को ठंडा करके कमरे में छोड़ता है। ऐसे में कूलर के लिए ठंडक देने के लिए जरूरी हो जाता है कि उसके आस-पास का माहौल बहुत ज्यादा गर्म ना हो।

ऐसे में कूलर को अगर कूलर सही समय पर चलाया जाए, तो वह गर्मी बढ़ने से पहले दीवारों, फर्श और छत को ठंडा कर देता है। ऐसे में दिनभर ठंडा माहौल घर में बना रहेगा। इससे AC चलाने की जरूरत भी कम महसूस होगी और लंबी अवधि में आप पैसों की बचत भी कर पाएंगे।

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किस समय चलाना चाहिए कूलर?
अगर आप चाहते हैं कि आपका कूलर दिनभर घर या कमरे को (जहां तक कूलर की हवा की रेंज है) को ठंडा करे, तो उसे तब चलाएं जब बाहर मौसम गर्म ना हो। इसके लिए आप सुबह 5-6 बजे का समय चुन सकते हैं। इस समय कूलर बाहर से हवा खींचकर उसे काफी ज्यादा ठंडा कर पाएगा क्योंकि बाहर ज्यादा गर्मी नहीं होगी। यह समय कूलर चलाने के लिए बेस्ट समझा जाता है और इसके बाद अगर 9-10 बजे तक कूलर को चलने दिया जाए, तो आपके घर या कमरे का तापमान दिनभर मेंटेन रहने के लिए सेट हो जाता है।(REF.)

कूलर की टेक्नोलॉजी का कनेक्शन
जैसा कि हमने बताया कूलर बाहर की हवा खींचकर उसे पानी से गुजाकर ठंडा करता है और उस ठंडी हवा को कमरे में छोड़ता है। अगर कूलर को बाहर गर्म हवा मिले, तो पानी से गुजारने के बावजूद वह ठंडी नहीं हो पाती और नतीजतन कूलर ठंडक नहीं दे पाता। यही वजह है कि कूलर उस समय चलाने की सलाह दी जाती है, जब बाहर वातावरण में गर्मी न हो।

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दिनभर कैसे बनी रहती है ठंडक?
दिन के समय में कूलर चलाने की वजह से घर का फर्श, दीवारें और छंत ठंडक अपने भीतर स्टोर कर लेती हैं। इसके बाद जब दिन में तापमान बढ़ता है, तो वे पहले से ठंडी दीवारों और छत को उस तरह से नहीं तपा पाता, जैसे कि साधारण दीवारें या छत तप जाती हैं। इसका नतीजा यह रहता है कि आपका कूलर पूरा दिन घर का तापमान मेंटेन रख पाता है। इसके चलते आपको AC चलाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती या 1-2 घंटे AC चलाकर और बाकी समय कूलर के साथ घर को चिल्ड रख सकते हैं।

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शाम और रात को चलाना कैसा?
लोग कूलर को शाम या रात में चलाने की सलाह भी देते हैं और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। हालांकि यह गर्मियों में झुलसने वाले उत्तर भारत के लिए ज्यादा ठीक समय नहीं है। दरअसल उत्तर भारत में तापमान 40-45 या कई बार 50 डिग्री तक भी पहुंचता है।

ऐसे में कूलर दिन में ना चलाकर अगर शाम या रात में चलाया जाए, तो वह बुरी तरह से तप चुकी दीवारों और छत को ठंडा नहीं कर पाता। इसका सबसे ज्यादा फायदा तभी मिलता है, जब आप सुबह से ही दीवारों और छत का तापमान ठंडा कर लें। वहीं जहां गर्मी का ऐसा प्रकोप नहीं पड़ता, उनके लिए शाम या रात में कूलर चलाना भी अच्छा रहता है।

 

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