राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा से और समृद्ध होगी माध्यमिक कक्षाओं की शिक्षण पद्धति

भोपाल 

मध्यप्रदेश में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को नई दिशा देने के लिए माध्यमिक शिक्षकों को नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों की शिक्षण पद्धति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र  हरजिंदर सिंह ने बताया कि सत्र 2026-27 में गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण की श्रृंखला शुरू की जा रही है। प्रथम चरण 28 सितम्बर से शुरू होगा और 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान चयनित एसआरजी (राज्य संसाधन समूह) विषय विशेषज्ञों का चार दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा किया जाएगा। इस श्रृंखला के अगले चरण में राज्य से चयनित मास्टर ट्रेनर्स का 5-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 5 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक संभागीय मुख्यालयों की डाइट में होगा। इसके पश्चात ब्लॉक स्तर पर कक्षा 6वीं से 8वीं तक गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले समस्त माध्यमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण 12 अक्टूबर से 20 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा।

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नई पाठ्य पुस्तकों की नई एप्रोच पर होगा फोकस

संचालक  सिंह ने बताया कि एसआरजी उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कक्षा 7 की नई पाठ्य पुस्तकों में अपनाई गई नई एप्रोच, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विषय विशेषज्ञों का उन्मुखीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य एसआरजी को इस प्रकार तैयार करना है कि वे आगामी प्रशिक्षणों में मास्टर ट्रेनर्स एवं शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों की अवधारणा और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से समझा सकें।

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चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विषय आधारित प्रशिक्षण के साथ शिक्षकों के समग्र व्यावसायिक विकास से जुड़े नवाचारी विषयों को भी शामिल किया गया है। इनमें जॉयफुल लर्निंग, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, आईजीओटी पोर्टल-केकेके, कौशल बोध तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय प्रमुख हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) तैयार करने की गतिविधि भी कराई जाएगी, जिससे शिक्षक कक्षा में अवधारणाओं को अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने बताया कि एसआरजी के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण में राज्य शिक्षा केंद्र के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीपल संस्था द्वारा सहयोगी भूमिका निभाई जाएगी। शिक्षकों के प्रशिक्षण तक यह पूरी श्रृंखला नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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