भोपाल के 16 किमी लंबे 10 लेन रोड पर बनेंगे 18 अंडरपास, 1 लाख आबादी को मिलेगा सीधा फायदा

भोपाल
राजधानी भोपाल के रत्नागिरी तिराहा से आशाराम तिराहा तक 16 कि.मी की अयोध्या बायपास 10-लेन रोड को पार करने व्हीकल अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ है। रोड में पौन किमी के अंतराल में 18 अंडरपास बनेंगे। आसपास रहने वाली व सर्विस रोड का उपयोग करने वाली एक लाख आबादी को इससे मदद मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इसे 1000 करोड़ रुपए के बजट से तैयार कर रहा है। प्रोजेक्ट का शुरुआती बजट 832 करोड़ रुपए था, लेकिन काम शुरू होने में देरी की वजह से बजट में 170 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई। 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें सिक्सलेन मुख्यमार्ग के साथ दो-दो लेन सर्विस रोड का हिस्सा है।

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कॉलोनियां, अब ढाई फीट तक रोड से नीचे रोड ने आसपास की कॉलोनियों के लिए अजीब स्थिति बनाई है। रत्नागिरी से आशाराम तिराहा तक 60 कॉलोनियां है। रोड को जमीन से काफी ऊंचाई पर बनाया गया, इससे ये कॉलोनियां रोड से ढाई फीट तक नीचे हो गई है। अब इनके सामने बारिश के पानी की निकासी के साथ कॉलोनी के सीवेज की निकासी की समस्या है। रोड किनारे बड़ी डक्ट से कॉलोनियों के सामने अघोषित दीवार बन गई है।

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जमीन से दो फीट तक ऊंची रोड, अंडरपास ही नाला भी
प्रोजेक्ट ने बायपास के दोनों तरफ के पानी की निकासी पूरी तरह बांध दी है। इसकी सुगम निकासी बनी रहे, इसके लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं किए गए। निर्माणाधीन अंडरपास ही एकमात्र विकल्प है, जिससे बारिश का पानी गुजर सकेगा। यानी बारिश के दौरान यहां पानी रहेगा और आमजन को आवाजाही में दिक्कत होगी। समय के साथ रोड के दोनों तरफ भूजल स्तर में भी बदलाव नजर आने की बात एक्सपर्ट कह रहे हैं।

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ऐसे समझें प्रोजेक्ट
इसमें 11 फ्लाइओवर-एलीवेटेड सेक्शन है। एक रेलवे ओवरब्रिज भी बनेगा। प्रोजेक्ट एयरपोर्ट, करोंद, रायसेन रोड, कानपुर की ओर भारी वाहनों की आवाजाही के लिए इसे बेहतर बताया जा रहा है।

इस बात का रखना चाहिए ध्यान
टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ के अनुसार, प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए। अंडरपास समेत ब्रिज का काम चल रहा है। आसपास की कॉलोनियां भी नीची हुई है। इससे कोई पर्यावरणीय संकट न बने, इसका ध्यान रखना चाहिए।

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